पिथौरा : पुनर्विवाह के बाद महिला और उसके परिवार को समाज से बहिष्कृत करने वालों पर अपराध दर्ज
आजादी के 78 वर्षों बाद भी कुछ लोगों के मन से कुरीतियों का जाना अब भी शेष है, जिसके एवज में उनके द्वारा समाज के लोगों को कई तरह के आर्थिक दंड, मानसिक रूप से प्रताड़ित एवं समाज में दुष्प्रचार कर अपमानित करते हैं.
ऐसा ही मामला सामने आया है महासमुंद जिले के पिथौरा थाना क्षेत्र से जहाँ सगोत्री एवं पुनर्विवाह के बाद महिला और उसके परिवार वालों को सामाजिक बैठक कर समाज से बहिष्कृत कर समाज में मिलाने हेतु 01 लाख रूपए की मांग कर भयादोहन किया गया, एवं उनपर भी आर्थिक दंड लगाया गया जो इन परिवार वालों के सुख दुख के कार्यक्रम में शामिल होते थे.
मिली जानकारी के अनुसार आवेदिका का विवाह दिनांक 07 मई 2021 को हुआ था, जिसके शादी के 7 वे दिन उनकी पति की आकस्मिक मृत्यु ग्राम खुडमुडी में आवेदिका के मामा घर में उसके भैय्या की शादी के समय हो गया. उसके बाद आवेदिका का सामाजिक परम्परा अनुसार पुर्नविवाह राजासेवैय्या पिथौरा में कराया गया.
आवेदिका का प्रथम एवं द्वितीय विवाह में उनके मामा कमलेश सिन्हा द्वारा कन्यादान किया गया. पुर्नविवाह के बाद कौडिया कलार समाज के मंडलेश्वर पुनित सिन्हा एवं उनके सहयोगी एवं पदाधिकारी गण ग्राम गोडबहाल में सामाजिक बैठक कर 10 दिसम्बर 2023 को आवेदिका एवं उसके ससुराल परिवार को समाज के विधवा महिला के साथ संगोत्री विवाह का आरोप लगाकर बहिष्कृत कर दिया गया.
इसके बाद वाट्सअप के माध्यम से फोटो एवं सगोत्री विवाह का दुष्प्रचार कर सामाजिक व्हाट्सप ग्रुपों में बहिष्कृत करने की सूचना वायरल किया गया, ग्राम गोडबहाल के कुछ स्वजातियों एवं व्हाट्सप ग्रुप से बहिष्कृत करने की सूचना मिलने पर आवेदिका के परिवार के आवेदन पर सामाजिक बहिष्कार के विरूद्ध महासमुंद जिला कलार समाज में अपील करने पर 25 फरवरी 2024 को बैठक सम्पन्न हुआ, जिसमें ग्राम गोडबहाल में आवेदिका एवं उसके ससूराल परिवार के विरूद्ध सामाजिक बहिष्कार को शुन्य करने का निर्णय लिया गया. निर्णय लेने वाले निर्णायक कमीटी के पदाधिकारी गण शिवप्रसाद डडसेना ग्राम अरेकेल बसना, डुमनलाल सिन्हा ग्राम मोहबा कोमाखान, भुखनलाल सिन्हा ग्राम द्वारतरा कोमाखान, जगतराम सिन्हा ग्राम बावनकेरा, पटेवा, कुंवर सिन्हा निवासी रायपुर द्वारा यह निर्णय लिया गया.
लेकिन उक्त निर्णय के विरूद्ध अनावेदकगण पुनित सिन्हा पुन: प्रांतीय संगठन कलार समाज में आवेदन लगाए एवं उसके परिवार को सामाजिक बहिष्कार रखने अपील किये, इसके बाद 25 अगस्त 2024 को रायपुर डंगनिया भवन सामाजिक बैठक में अनावेदकगण के अपील सुनवाई पर अनावेदकगण जान बुझकर प्रदेश स्तरीय बैठक रायपुर में उपस्थित नहीं हुए, रायपुर में प्रदेश स्तरीय सामाजिक संगठन ने दिनांक 25 फरवरी 2024 को महासमुंद में हुए निर्णय को सही मानते हुए महामंत्री रिखीराम सिन्हा द्वारा पत्र भी जारी किया गया. उसके उपरांत भी आवेदिका एवं उसके ससुराल परिवार को अनावेदकगण द्वारा भेदभाव पूर्ण उत्पीडन पहुंचाने की मंशा से समाज में नकारात्मकता फैलाकर व्हाट्सप एवं गांव गांव एवं पिथौरा नगर में सामाजिक जनो के घर-घर समाज सेवक आनंदी डडसेना द्वारा सामाजिक बहिष्कार की सूचना फैलाया गया.
उनके द्वारा आवेदिका एवं उसके परिवार को शादी विवाह मृतक संस्कार जैसे धार्मिक एवं सामाजिक अनुष्ठानों में आमंत्रण देने पर रोक लगा दिया गया, उसके बाद भी सामाजिक एवं धार्मिक अनुष्ठानों मे आवेदिका एवं उसके परिवार को आमंत्रित करने वाले रिश्तेदार एवं सामाजिक जनो से अनावेदक गण आर्थिक दंड लिया गया है जिसमें लखनलाल डडसेना से 5000 रू0, भुरकोनी से 5000 रू0, अशोक डडसेना भीथीडीह से 5000 रू0, इंदेश्वर पिथौरा से 1100 रू0, सुमित अठ्ठारहगुडी से 5000 रू0, बिशाखा ग्राम नवागांव से 5000 रू0 दंडित कर जुर्माना लिया गया.
सामाजिक कार्यक्रम का आमंत्रण आवेदिका के ससूर जी को देने आने वाले दुर्गेश सिन्हा निवासी लाखागढ को भी समाज से अनावेदक गण द्वारा बहिष्कृत कर दिया गया था, इसके बाद 16 नवंबर 2025 को ग्राम गोडबहाल निवासी परदेसी, विदेशी, बोधराम डडसेना के माता के निधन पर दशगात्र कार्यक्रम में उनके परिवार द्वारा सम्मिलित होने पर पुनितराम सिन्हा के निर्देश पर ग्राम समाज गोडबहाल से तीनो परिवार को बहिस्कृत कर दिया गया.
इसके बाद 01 दिसंबर 2025 को भिथीडीह के परिवारजन से भूपेन्द्र डडसेना का एक्सीडेंट से निधन होने पर तीजनहावन एवं दशगात्र कार्यक्रम में पुनीत सिन्हा मंडलेश्वर द्वारा अशोक डडसेना एवं गोपाल डडसेना निवासी भिथीडीह को उसके ससूर के परिवार को दशगात्र कार्यक्रम में समाज से बहिष्कृत होने के कारण का आमंत्रण नहीं देने का निर्देश दिया. अब उनके परिवार को कार्यक्रम में आमंत्रित नहीं किया जा रहा है.
आवेदिका ने बताया कि 24 मई 2025 को सामाजिक प्रदेश स्तरीय बैठक स्थल ग्राम अभनपूर पंडाल कार्यक्रम स्थल के बाहर पुनीत सिन्हा एवं उनकी धर्म पत्नि प्रमिला सिन्हा से आवेदिका गिडगिडाई कि मैं गर्भवती हूं मेरे ससुराल वाले मेरा परित्याग कर देगे तो मैं कहां जाउंगी तब मंडलेश्वर पुनित सिन्हा एवं उसकी धर्मपत्नि प्रमिला सिन्हा ने कि होने वाले बच्चे का गर्भपात करा लो और अपने पति को छोड दो कहकर दबाव बनाया.
इसके बाद 24 मई 2025 को प्रदेश स्तरीय बैठक स्थल अभनपुर में आवेदिका के पक्ष में निर्णय करते हुए पुनित सिन्हा मंडलेश्वर एवं उनकी कार्यकारिणी द्वरा लिए गये निर्णय को गलत मानते हुए 25 फरवरी 2024 महासमुंद के निर्णय को सही मानते हुए घोषणा किया गया.
आवेदिका को बार बार सामाजिक बैठक में अपमानित करना एवं उसके परिवार को पुनित सिन्हा मंडलेश्वर द्वारा ससुराल वालो के उपर दबाव बनाया जा रहा है कि वे आवेदिका का परित्याग कर देवे एवं भयादोहन किया जा रहा है. पुनीत सिन्हा द्वारा एक लाख रूपये जुर्माना पटाने पर समाज में मिलाने की बात बोला गया, जिसका समर्थन शेष अनावेदक गण द्वारा किया गया है.
वर्तमान में पुनर्विवाह के बाद आवेदिका के दो छोटे-छोटे संतान है अनावेदकगण द्वारा उसे स्वतंत्र रूप से जीवन यापन करने नहीं दे रहे है. जिसके कारण वह मानसिक उत्पीडन झेल रही है. जिससे कभी भी उसके परिवार द्वारा इस उत्पीडना से आत्मघाती कदम उठाने के लिए बाध्य हो सकते है, जिसके लिए पुर्ण रूप से अनावेदकगण जिम्मेदार होगे. यह बाद आवेदिका ने पुलिस को दिए आवेदन में कही है.
मामले की संपूर्ण जांच पर आरोपी पुनितराम सिन्हा व अन्य पर अपराध धारा 308(2), 3(5) BNS एवं नागरिक संरक्षण अधिनियम 1955 की धारा 7(2) का घटित होना पाए जाने अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है.