महासमुंद : राष्ट्रव्यापी महापरीक्षा अभियान 22 मार्च को
जिले में इस महाअभियान के तहत लगभग 2 हजार नवसाक्षरों को शामिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस परीक्षा में 15 वर्ष से अधिक आयु के वे शिक्षार्थी शामिल होंगे जिन्होंने उल्लास साक्षरता केंद्रों में अध्ययन किया है। परीक्षा में सफल होने वाले शिक्षार्थियों को राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय एवं राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जिससे उन्हें आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत जिले को शत-प्रतिशत साक्षर बनाने के उद्देश्य से संचालित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम इस अभियान का आधार है, जिसके माध्यम से उन शिक्षार्थियों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है जो किसी कारणवश पहले पढ़-लिख नहीं पाए थे।
नवसाक्षरों की अधिकतम सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, मितानिनों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों की भूमिका तय की गई है, वहीं विकासखण्ड शिक्षा अधिकारियों और ब्लॉक संसाधन समन्वयकों को अपने-अपने क्षेत्रों में परीक्षा के सफल संचालन के लिए केंद्र अध्यक्ष एवं पर्यवेक्षकों की नियुक्ति के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही जिला एवं विकासखण्ड स्तर पर मॉनिटरिंग दल गठित किए गए हैं, जो परीक्षा के दिन केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लेंगे।
कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष विनय कुमार लंगेह ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे अपने आसपास के नवसाक्षरों को परीक्षा में बैठाए जाने में सहयोग करें, ताकि हर नवसाक्षर पढ़-लिखकर विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।