पिथौरा : मोहगांव में श्री रामनवमी महापर्व, रामलीला महोत्सव एवं श्रीराम जानकी मंदिर उत्सव का भव्य आयोजन
ग्राम मोहगांव (भगतदेवरी) इस वर्ष भक्ति, संस्कृति और परंपरा के अद्भुत संगम का साक्षी बनने जा रहा है। यहां एक ओर रामनवमी महापर्व के अवसर पर ऐतिहासिक रामलीला महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर श्रीराम जानकी मंदिर का वार्षिक उत्सव भी पूरे श्रद्धा भाव से मनाया जाएगा।
गौरतलब है कि ग्रामवासियों द्वारा वर्ष 1936 से निरंतर आयोजित किया जा रहा रामलीला महोत्सव इस वर्ष अपने लगभग 90वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि गांव की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक भी है।
रामलीला महोत्सव का आयोजन 26 मार्च 2026 से प्रारंभ होकर 5 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस दौरान प्रतिदिन रात्रि में रामायण के विभिन्न प्रसंगों का जीवंत मंचन किया जाएगा। मंचन की शुरुआत 26 मार्च को भगवान श्रीराम के जन्म (आद्य कांड) से होगी। इसके पश्चात ताड़का वध, सीता स्वयंवर, राम-वनवास, भरत मिलाप, सीता हरण, बाली वध, सुंदरकांड, कुम्भकर्ण वध, मेघनाद वध जैसे प्रमुख प्रसंगों को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया जाएगा। समापन अवसर पर रावण वध एवं भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक का भव्य दृश्य मंचित किया जाएगा, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा।
इसके पूर्व श्रीराम जानकी मंदिर में 23 एवं 24 मार्च 2026 को वार्षिक उत्सव का आयोजन किया जाएगा। 23 मार्च को दोपहर 12 बजे से अष्टप्रहरी हरि कीर्तन नामयज्ञ प्रारंभ होगा, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों से आमंत्रित कीर्तन मंडलियां भाग लेंगी। 24 मार्च को नाम यज्ञ का विधिवत समापन किया जाएगा तथा श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद वितरण की व्यवस्था की जाएगी।
इस धार्मिक अनुष्ठान में सरायपाली, कंचनपुर, भानुपर, परेवापली एवं मोहनगांव की कीर्तन मंडलियां अपनी भक्ति प्रस्तुतियों से वातावरण को भक्तिमय बनाएंगी। गायक एवं वादक दलों द्वारा हरि नाम संकीर्तन, भजन-कीर्तन एवं धार्मिक गीतों की प्रस्तुति दी जाएगी, जिससे पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होगा।
आयोजन समिति द्वारा मंदिर परिसर एवं रामलीला मंच को आकर्षक ढंग से सजाया जा रहा है। विद्युत सजावट, प्रकाश व्यवस्था, ध्वनि प्रणाली एवं दर्शकों के बैठने की समुचित व्यवस्था की जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। साथ ही, दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पेयजल एवं प्रसाद की विशेष व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।
ग्रामवासियों में इस आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। युवा वर्ग जहां मंचन की तैयारियों में जुटा हुआ है, वहीं बुजुर्गों का मार्गदर्शन और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी इस आयोजन को और भी भव्य बना रही है।
आयोजन समिति एवं समस्त ग्रामवासियों ने क्षेत्र के सभी श्रद्धालुओं, भक्तों एवं धर्मप्रेमियों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस पावन अवसर का लाभ उठाएं और धर्म, संस्कृति एवं परंपरा के इस महोत्सव को सफल बनाएं।
भारत के विभिन्न क्षेत्रों में भी रामनवमी और रामलीला का विशेष महत्व है, जहां इन आयोजनों के माध्यम से लोगों में धार्मिक आस्था, नैतिक मूल्यों और सांस्कृतिक एकता का संदेश प्रसारित होता है। मोहगांव का यह आयोजन भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्र में एक आदर्श प्रस्तुत कर रहा है।