महासमुंद : जिले में विश्व क्षय दिवस पर टीबी मुक्त भारत अभियान के द्वितीय चरण का किया गया शुभारंभ
टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को किया गया सम्मानित
राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम अंतर्गत जिले में कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार विश्व क्षय दिवस के अवसर पर टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत 100 दिवसीय निक्षय निरामय अभियान (द्वितीय चरण) का विधिवत शुभारंभ किया गया। साथ ही जिले में टीबी जांच को और अधिक सुलभ बनाने के लिए हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेवर राव, जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. विकास चन्द्राकर एवं जिला कार्यक्रम प्रबंधक (एनएचएम) नीलू धृतलहरे उपस्थित रहे। जिला मुख्यालय के साथ-साथ सभी विकासखंड मुख्यालयों एवं जन आरोग्य मंदिरों में जन-जागरूकता रैली एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिससे आमजन में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाई जा सके।
इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ आई नागेश्वर राव ने टीबी उन्मूलन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को सम्मानित किया। प्रत्येक विकासखंड से दो मितानिन एवं दो मितानिन प्रशिक्षकों को प्रमाण पत्र, ट्रॉफी एवं उपहार देकर सम्मानित किया गया।
इसी तरह जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जिला एवं ब्लॉक स्तर पर वर्ष 2025 में टीबी मुक्त घोषित सभी 305 ग्राम पंचायतों को भी इस अवसर पर गांधीजी की प्रतिमा, स्मृति चिन्ह एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कार्यक्रम में ओंकार पाठक कार्यक्रम सहायक, पीपीएम कोऑर्डिनेटर, घनश्याम देशमुख पीएमडीटी कोऑर्डिनेटर, विनय नाग (एसटीएस) एवं अरविंद सिदार (एसटीएलएस) एवं अधिकारी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंतर्गत शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय महासमुंद में टीबी रोग के प्रति जागरूकता हेतु विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया गया। इसमें टीबी रोग की जानकारी प्रदान की गई तथा पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित कर प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। सभी प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह, ट्रॉफी एवं प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इस अवसर पर जिला क्षय उन्मूलन अधिकारी डॉ. विकास चन्द्राकर ने टीबी बीमारी, उसके लक्षण, उपचार एवं रोकथाम के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा जिले की उपलब्धियों को साझा किया। उन्होंने बताया कि जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। जिसमें वर्ष 2023 में 292 ग्राम पंचायत, वर्ष 2024 में 278 ग्राम पंचायत एवं वर्ष 2025 में 305 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त घोषित किया गया है।
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