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विश्व टीबी दिवस के अवसर पर सरायपाली के 48 ग्राम पंचायत सरपंच व स्वास्थ्य कर्मचारी हुए सम्मानित

स्वर्गीय मोहनलाल चौधरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में 24 मार्च 2026 को विश्व क्षय रोग दिवस पर सरायपाली के अनुविभागीय अधिकारी राजस्व IAS अनुपमा आनन्द के द्वारा टीबी मुक्त हो चुके 48 ग्राम पंचायत सरपंच को सम्मानित किया गया जिसमें से 20 को कांस्य व 28 को सिल्वर का प्रमाण पत्र के साथ मोमेंटो प्रदान किया गया इस कार्यक्रम में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर कुणाल नायक द्वारा बताया गया कि टीबी बीमारी माइकोबैक्टेरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक जीवाणु से फैलता है जिसका खोज 24 मार्च 1882 को जर्मनी के डॉ रॉबर्ट कोच के द्वारा किया गया था इसीलिए इस दिवस को क्षय रोग दिवस के रूप मे मनाते हैं ।

टीबी का इलाज डॉटस पद्धति से किया जाता है जिसमें रोगी 6 माह में पूर्ण स्वस्थ हो जाता है इस वर्ष 2026 का थीम " हम तपेदिक को समाप्त कर सकते हैं प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल ,नवाचार और प्रतिबद्ध समुदायों द्वारा संचालित" है। टीबी एक संक्रामक बीमारी है जिसका प्रमुख लक्षण शाम को बुखार आना , पसीना आकार बुखार उतर जाना, भूख ना लगना, वजन में कमी होना, दो सप्ताह से अधिक तक का बलगम युक्त खांसी इत्यादि प्रमुख है यह बीमारी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैलता है आगे खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी टी आर धृतलहरे ने बताया की भारत सरकार के द्वारा who के अनुसार 2030 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य रखा गया है टीबी रोग को क्षय रोग व तपेदिक के नाम से भी जाना जाता है जिसका शाब्दिक अर्थ शरीर का क्षरण होना होता है।

टीबी से ग्रसित व्यक्ति के खांसने, छिंकने व जगह जगह थूकने से यह एक दूसरे में फैलता है । बीपीएम शीतल सिंह ने बताया कि सरायपाली मे 107 पंचायत में 48 पंचायत निर्धारित मापदंड अनुसार टीबी मुक्त ग्राम पंचायत हुए है। जिसके लिये फील्ड, व ब्लॉक स्तर पर सभी कर्मचारीयों का योगदान प्रमुख रूप से रहा है। आगे भी सभी टीम वर्क की तरह कार्य करते हुए बचे हुए 59 ग्राम पंचायत को टी बी मुक्त करने के लिये प्रयासरत रहेंगे। टी बी मुक्त करने के लिये यह जरूरी है की व्यक्ति स्वयं सतर्क रहे और लक्षण दिखने पर तत्काल मितानिन व नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।


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