सायकल से कार्यालय पहुंचे मंत्री, ईंधन संरक्षण का किया अनुरोध
ईंधन की हर एक बूंद की बचत भारत के भविष्य और गौरव की रक्षा करती है - तोखन साहू
आवासन और शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ईंधन संरक्षण की अपील के समर्थन में अपने आवास से संकल्प भवन तक 3 किलोमीटर साइकिल चलाई, जिससे उन्होंने संपोषित शहरी गतिशीलता, पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और राष्ट्र सेवा का एक सशक्त संदेश दिया।
इस मौके पर बोलते हुए साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री जी की कोविड काल के समय जैसे घर से काम करना, ऑनलाइन कक्षाएं, वर्चुअल मीटिंग और पेट्रोल व डीजल की खपत कम करना आदि को पुनर्जीवित करने की अपील मौजूदा अनिश्चित वैश्विक परिस्थितियों में समयोचित और प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि ऐसे तरीके व्यापक तौर पर राष्ट्रहित में हैं और प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह राष्ट्र की सेवा के रूप में इस सामूहिक प्रयास में योगदान दे।
साहू ने इस विषय पर जोर दिया कि ईंधन संरक्षण केवल आर्थिक आवश्यकता ही नहीं, बल्कि एक पर्यावरणीय उत्तरदायित्व और एक सामूहिक राष्ट्रीय कर्तव्य भी है, जो चुनौतीपूर्ण समय में देश को मजबूत बना सकता है। उन्होंने कहा, “बचाया हुआ ईंधन का हर लीटर राष्ट्र के व्यापक हित में योगदान देता है। ऐसे समय में जब देश सामूहिक तौर पर स्थिरता और आत्मनिर्भरता की दिशा में काम कर रहा है, नागरिक जीवनशैली में छोटे-छोटे लेकिन सचेत बदलाव लाकर सार्थक योगदान दे सकते हैं।”
साहू ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के उदाहरण का अनुसरण करते हुए केंद्रीय मंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं ने अपने काफिले को 50 प्रतिशत तक कम करना शुरू किया है। उन्होंने कहा कि निजी कार्रवाई के माध्यम से नेतृत्व करना एक सशक्त संदेश देता है और व्यापक जनभागीदारी को प्रेरित करता है।
जनभागीदारी और देशभक्ति का व्यापक संदेश देते हुए साहू ने कहा, "संरक्षण की दिशा में उठाया गया हर कदम राष्ट्रीय सेवा की ओर एक कदम है, और बचाए गए ईंधन की हर बूंद भारत के भविष्य और गौरव की रक्षा करती है।"
उन्होंने जनता से इस आंदोलन में सक्रिय तौर पर भाग लेने की अपील करते हुए नागरिकों से अनुरोध किया कि वे जहां भी संभव हो, सार्वजनिक परिवहन, इलेक्ट्रिक बस, साइकिल चलाने और कारपूलिंग को अपनाकर पेट्रोल और डीजल की खपत कम करें।