बसना : पैता में अघरिया समाज के बनाये जा रहे श्रीकृष्ण धाम मंदिर निर्माण कार्य में करोड़ो रुपये का गबन, 6 के खिलाफ अपराध दर्ज
बसना थाना अंतर्गत ग्राम पैता में अखिल भारतीय अघरिया समाज के बनाये जा रहे श्रीकृष्ण धाम मंदिर निर्माण कार्य में करोड़ो रुपये के गबन करने का मामला सामने आया है, जिसपर बसना पुलिस ने अखिल भारतीय अघरिया समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष उषा पटेल की आवेदन पर बसना थाना में अपराध दर्ज किया गया है.
यह मामला अखिल भारतीय अघरिया समाज के पूर्व पदाधिकारियों द्वारा फर्जी एवं कुटरचित दस्तावेज एवं बिल व्हाउचर तैयार कर राशि आहरण कर गबन करने के संबंध में दर्ज किया गया है.
उषा पटेल के द्वारा ग्राम पैता चौकी भंवरपुर में अखिल भारतीय अघरिया समाज के श्रीकृष्ण धाम मंदिर का निर्माण कार्य में पूर्व पदाधिकारियों व्दारा अनियमितता कर राशि का गबन करने के संबंध में शिकायत आवेदन प्रस्तुत किया गया था. जिस पर जेएमएफसी न्यायालय बसना द्वारा 26 फरवरी 2026 को प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज करने आदेशित करने पर पुलिस ने प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज किया है.
शिकायतकर्ता उषा पटेल राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अघरिया समाज ने बताया कि भुवनेश्वर प्रसाद पटेल पिता स्व. चैनकुमार निवासी रेलवे बंगलापारा रायगढ़ जिला रायगढ़ छ.ग. पूर्व केन्द्रीय अध्यक्ष, गेसमोती पटेल पति सुशील पटेल निवासी आकाशबाड़ी, द्वारिका प्रसाद पटेल पिता स्व परिक्षित पटेल ग्राम गोड़बहाल पिथौरा, दीनदयाल पटेल पिता स्व नरेश्वर पटेल आवर्श नगर रामगढ़ जिला रायगढ़, गोपाल नायक पिता स्व. मोहन सिंह नायक निवासी ग्राम अजगरखार थाना बसना, हरप्रसाद चौधरीए पिता लकेश्वर निवासी ग्राम पैंता थाना बसना जो अखिल भारतीय अघरिया समाज पंजीयन क्रमांक 8447 के पूर्व पदाधिकारी होने के नाते इनके द्वारा ग्राम पैता में श्री कृष्ण धाम निर्माण के संबंध में विधि विरूध्द ढंग से सामाजिक सदस्यों से लगभग 46400000 (चार करोड़ चौसठ लाख) रूपये का रसीद काटा गया एवं वसूल रकम को बैंक खाते में जमा न कर फर्जी एवं कूटरचित बिल व्हाउचर बनाते हुए एकराय होकर राशि का गबन करने के आशय से पूर्व नियोजित ढंग से समाज के धार्मिक आस्था के केन्द्र श्रीकृष्ण मंदिर निर्माण में आर्थिक अनियमितता कर अपने पदीय कर्तव्य का दुरूपयोग करते हुये पंजिकृत संस्थान से सामाजिक चंदा की राशि को गबन कर लिया.
उषा पटेल ने बताया कि आरोपीगण अपने पदीय कार्यकाल में उपरोक्त आय-व्यय का ऑडिट कराये बगैर पंजिकृत संस्था के रजिस्ट्रार को ऑडिट रिपोर्ट 15 अप्रैल 2024 तक जमा नहीं किया. उन्होंने बताया कि उक्त संबंध में लगातार शिकायत किये जाने पर अघरिया समाज के सिंघोड़ा महासभा क्षेत्र सरायपाली में आयोजित थी उक्त महासभा मे सामाजिक राशि के आर्थिक गबन के जांच के लिये 11-11 सदस्य की समुहों की समिति बनी जिसके समन्वयक समिति का संयोजक उषा पटेल निवासी पिथौरा को बनाया गया.
चुनाव में उषा पटेल राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनी गई तत्पश्चात कार्यकारीणी व्दारा संयोजक पुनितराम नायक पिता आनंद सिंह तायक निवासी चेचरापाली पिथौरा को एवं सहसंयोजक ओमप्रकाश चौधरी पिता जलधर चौधरी निवासी ग्राम परसदा को बनाया गया.
गहन जांच के पश्चात जांच दल के सदस्यों ने अपना जांच प्रतिवेदतन समन्वयक समिति के संयोजक के पास प्रस्तुत किये, तत्पश्चात समन्वयक समिति के संयोजक तथा सहसंयोजक के व्दारा अपना अभिमत के साथ जांच प्रतिवेदन राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय अघरिया समाज के समक्ष प्रस्तुत किया गया राष्ट्रीय अध्यक्ष व्दारा कार्यकारिणी ने प्रस्तुत प्रतिवेदत्त पर विचार करते हुये आरोपी व्यक्तियों के विरूध्द सामाजिक नियमावली व आर्थिक गबन के लिये निर्णय निर्धारित कर निर्णय पठन हेतु विषेश महासभा का आयोजन नई कृषि उपज मंण्डी सरायपाली में किया गया.
राष्ट्रीय अध्यक्ष के व्दारा आर्थिक गबन करने वाले दोषी व्यक्तियों के विरूध्द एक माह के अन्दर राशि जमा करने हेतु प्रस्ताव पारित किया गया. सामाजिक निर्णय को सुनने के पश्चात सामाजिक मंच से आक्रोशित होकर निर्णय को मानने से इंकार करते हुये सभा में विवाद करना प्रारम्भ कर दिये इस कारण सामाजिक पदाधिकारियों के व्दारा निर्णय लिया गया कि आर्थिक गबन के दोषी व्यक्तियों के विरूध्द थाना में रिपोर्ट दर्ज किया जावे. दोषी पदाधिकारियों द्वारा आर्थिक अनियमितता कर गबन किये गये राशि का निर्धारण सामाजिक एवं व्यवहारिक दृष्टिकोण को अपनाते हुये समाज को हुये आर्थिक नुकसान के लिए अघरिया धाम पैता के संबंध में 82,25,347.72 रूपये (बियासी लाख पश्च्चीस हजार तीन सौ सैंतालिस रूपयें बाहत्तर पैसा) किया गया है. लेकिन आरोपिगण निर्णय को न मानकर विवाद कर रहें है. इस कारण संपुर्ण अनियमितता के संबंध में यह शिकायत किया गया कि आरोपिगण व्दारा किये गये आर्थिक गबन करने लगभग 4,64,00,000 (चार करोड़ चौसठ लाख) रूपये की रसीद काटकर उक्त रकम को बैंक में जमा नहीं किया गया तथा 2,77,00,000 (दो करोड़ सतत्तर लाख रूपये) का फर्जी एवं कुटरचित बिल व्हाउचर प्रस्तुत किया गया है. उक्त समस्त दान रसीद एवं उसके प्रतिपर्ण (ढूट) को पूर्व पदाधिकारियों द्वारा प्रभार में वर्तमान पदाधिकारियों को दिया गया है.
इस तरह दान के रूप में राशि प्राप्त कर दान राशि का गबन कर लिया गया है. आरोपिगण द्वारा 2,77,00,000 रूपये के बिल में से कराये गये कार्य का मूल्यांकन 1,65,00,000 रूपये है इस तरह निर्माण कार्य में भी लगभग 1,00,00,000 (एक करोड़ रूपये) का गबन किया गया है.
नींव के कार्य में एसआरएमबी टीएमटी कंपनी का लगभग 77 टन छड़ लगाया गया है और जीके, टीएमटी कम्पनी का छड़ का फर्जी बिल लगाकर रकम आहरण कर रकम का गबन कर लिया गया है.
वर्मा कंस्ट्रक्शन (रोहित वर्मा निवासी ग्राम बरमकेला) को विधि विरूध्द भुगतान एवं अंतिम भुगतान के समय एडवांस राशि दर्शाकर राशि आहरण कर गबन किया गया है.
समस्त कार्य ठेका से कराये जाने के उपरांत भी मजदूरों की फर्जी उपस्थिति बनाकर 3,43,400 रूपये का भुगतान कर गबन किया गया हैं.
बिना प्रस्ताव के राशि का आहरण कर फर्जी बिल के आधार पर बिना सत्यापन के भुगतान कर राशि गबन किया है.
जे.सी.बी. हाईड्रा एवं ट्रेक्टर का फर्जी बिल बनाकर राशि आहरण कर गबन कर लिया गया है.
श्रेया अर्थ मोवर्स टाटीबंध रायपुर के नाम से फर्जी बिल बनाकर महेन्द्र चौधरी पैता को भुगतान कर 20,000 रु /-रूपये का अतिरिक्त गबन किया गया है.
तकनिकी जांच व मुल्यांकन कराये बगैर मनमाने ढंग से राशि तय कर भुगतान करते हुये धार्मिक भावना का आड़ लेकर समाज के आस्था को ठेस पहुंचाते हुये राशि गबन कर लिया गया है.
करोड़ो रूपये के आय-व्यय का ऑडिट कराये बगैर कूटरचित एवं फर्जी बिल बनाकर नगद भुगतान दर्शाते हुए रकम को गबन कर लिया गया है.
आरोपीगण व्दारा अपने व्यक्तिगत बैंक खाते में दान राशि प्राप्त कर उक्त रकम को गबन कर लिया गया है.
उपरोक्त दोषी व्यक्तियों के व्दारा फर्जी एवं कुटरचित बिल बनाकर उसे असली बिल के रूप में प्रयोग करते हुये सामाजिक दान राशि को गबन कर लिया गया है/ सामाजिक जांच में आरोपीगण अपना जवाब प्रस्तुत कर एसआरएमबी टीएमटी कम्पनी का छड़ लगाना स्वीकार किये हैं. समाज के विषेश महासभा में आरोपीगण को दोषी मानते हुये कानुनी कार्यवाही करने का निर्णय लिया गया.
मामले में आरोपियों के विरुद्ध अपराध धारा 3(5)-BNS, 318(4)-BNS पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है.