पिथौरा : बिना मान्यता निजी स्कूल संचालित, बांट रहे फर्जी अंकसूची, डीईओ पर सरंक्षण का आरोप, शिक्षा सचिव को शिकायत।
पिथौरा। जिले में बगैर मान्यता प्राप्त किये नर्सरी से आठवी तक की कक्षा संचालित हो रही है। जिससे शिक्षा तंत्र पर एक बार फिर गंभीर सवाल खडे हो गए है। पिथौरा ब्लाक अन्तर्गत ए.के.स्मार्ट इंग्लिश मिडियम स्कूल बिजेमाल सांकरा का मामला है। आरटीआई कार्यकर्ता विनोद कुमार दास ने शिक्षा सचिव सिद्वार्थ कोमल परदेशी को भेजे अपने शिकायत पत्र में आरोप लगाया है कि उक्त निजी स्कूल बिना वैध मान्यता के संचालित हो रहा है, फिर भी मौजूदा जिला शिक्षा अधिकारी इस पर कार्रवाई करने के बजाय संरक्षण दे रहे है।
शिकायत में कहा गया है कि स्कूल द्वारा विद्यार्थियो को अंकसूची और स्थानातंरण प्रमाण पत्र जारी किए जा रहे है। जिनकी वैधता पर गंभीर सवाल है। आरोप है कि यदि स्कूल को विभाग से मान्यता ही प्राप्त नही है तो विद्यार्थियो को जारी किए गये जा रहे दस्तावेज कही फर्जी तो नही। यह मामला केवल प्रशासनिक लापरवाही नही बल्कि कूटरचना, धोखाखडी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने जैसे अपराधिक कृत्यो की श्रेणी में आ सकता है।
पूर्व में आर्थिक अर्थदण्ड का आदेश हो चुका है।
शिकायतकर्ता का दावा है कि इस संबंध में पूर्व में लिखित शिकायत और साक्ष्य विभाग को सौंपे गये थे। तात्कालीन डीईओ मोहन राव सावंत ने विभागीय स्तर पर जांच करके इस स्कूल को बंद करने एवं 50000/- रूपये के आर्थिक दण्ड व इसके बाद भी स्कूल संचालित करने पर प्रतिदिन 2000/- रूपये के हिसाब में आर्थिक दण्ड लगाने का आदेश भी जारी किये है। लेकिन इसके बाबजूद स्कूल का संचालन जारी रखा है। इससे वर्तमान डीईओ विजय लहरे की भूमिका पर भी सवाल खडे हो रहे है।
मामला ये है।
दरअसल अनुविभागीय अधिकारी(रा) पिथौरा ने इस ए.के.स्मार्ट इंग्लिश मिडियम स्कूल बिजेमाल संचालन हेतु अनिवार्य मूलभूत संसाधनो में कमी पाते हुए अनापत्ति प्रमाण पत्र देने से इंकार कर दिया। जिससे संचालक ने छत्तीसगढ हाईकोर्ट में याचिका दायर किया। हाईकोर्ट ने इस मामले में अनुविभागीय अधिकारी को जबाब प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। सूत्रो के अनुसार ये स्कूल जिस भूमि पर संचालित है, उक्त भूमि विवादित है। जिसमें कई हिस्सेदार है। सभी लोगो ने सहमति नही दी है, बल्कि कईयो ने विरोध दर्ज किये है। जिस कारण अनुविभागीय अधिकारी(रा) पिथौरा ने इस स्कूल संचालक को अवैध कब्जा से बेदखली करके वास्तविक भूमि स्वामियो को जमीन सौपने का आदेश दिया है।