सहायक शिक्षकों का प्रधान पाठक में शीघ्र पदोन्नति किया जावे - अनिल पटेल
छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनिल पटेल ने सहायक शिक्षकों के लंबित पदोन्नति प्रकरण को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए जिला शिक्षा अधिकारी से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जिले के सैकड़ों सहायक शिक्षक वर्षों से अपनी सेवाएं पूर्ण निष्ठा, समर्पण और जिम्मेदारी के साथ दे रहे हैं, किंतु इसके बावजूद उन्हें समय पर पदोन्नति का लाभ नहीं मिल पा रहा है, जो कि अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
पटेल ने बताया कि सहायक शिक्षक लंबे समय से प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे हैं।प्रधान पाठक पद में नियुक्ति हेतु सूची जारी हुए महीने बीतने के बाद भी पदस्थापन नहीं किया जाना दुर्भाग्य पूर्ण है।अनेक शिक्षक ऐसे हैं जिन्होंने सेवा के पर्याप्त वर्ष पूर्ण कर लिए हैं और सभी निर्धारित पात्रताओं को भी पूरा करते हैं, फिर भी उनकी पदोन्नति प्रक्रिया निरंतर लंबित है। इससे शिक्षकों में निराशा एवं असंतोष का वातावरण बनता जा रहा है, जो शिक्षा व्यवस्था के लिए भी शुभ संकेत नहीं है।
उन्होंने आगे कहा कि सहायक शिक्षक विद्यालयों की आधारशिला होते हैं। वे न केवल विद्यार्थियों को शिक्षित करते हैं, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी उपेक्षा करना शिक्षा तंत्र को कमजोर करने जैसा है।
यदि योग्य एवं अनुभवी शिक्षकों को समय पर पदोन्नति नहीं मिलेगी, तो इससे उनकी कार्यक्षमता और मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। जिलाध्यक्ष अनिल पटेल ने शासन-प्रशासन से मांग करते हुए कहा कि सहायक शिक्षकों की पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से प्रधान पाठक के पद पर पदोन्नति की प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाए। साथ ही लंबित पदोन्नति प्रकरणों का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि शिक्षकों को उनका अधिकार मिल सके।
उन्होंने चेतावनी स्वर में कहा कि यदि शासन द्वारा इस गंभीर मुद्दे पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा, जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
अंत में उन्होंने कहा कि यह मांग केवल शिक्षकों के हित तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा संबंध विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा की गुणवत्ता से भी जुड़ा हुआ है। अतः शासन को इस विषय में संवेदनशीलता दिखाते हुए त्वरित निर्णय लेना चाहिए।