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महासमुंद : जिला पंचायत सीईओ ने ली समय-सीमा की बैठक, दिए आवश्यक निर्देश

कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार जिला पंचायत सीईओ हेमंत नंदनवार ने आज सुबह 10:00 बजे से कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में समय-सीमा की बैठक ली।

बैठक में उन्होंने जिले में संचालित शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। इस अवसर पर अपर कलेक्टर सचिन भूतड़ा, रवि कुमार साहू, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व), विभागीय जिलाधिकारी, जनपद सीईओ, नगरीय निकायों के सीएमओ तथा वीसी के माध्यम से ब्लॉक स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

जिला पंचायत सीईओ नंदनवार ने बैठक में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। बैठक में वित्त विभाग के निर्देशों के अनुरूप सभी विभागों को समय सीमा के अंतर्गत सभी लंबित बिलों को इस माह की 25 तारीख तक अनिवार्य रूप से जमा करने के निर्देश दिए गए। उन्होंने धान उठाव की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले में धान उठाव के कार्य में तेजी लाएं और शेष धान का उठाव शीघ्र करें। खाद्य अधिकारी ने बताया गया कि अभी तक 9.40 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।

नंदनवार ने जिले में कुपोषण को समाप्त करने के लिए अधिकारियों को चिन्हांकित कुपोषित बच्चों को गोद लेकर उन्हें पोषित करने की जिम्मेदारी दी है। शिक्षा विभाग की समीक्षा में पीएम स्कूलों का नियमित निरीक्षण करने तथा स्कूल निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की सतत निगरानी करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। वहीं सभी स्कूलों में बालिका शौचालयों को सुचारू रूप से संचालित रखने के निर्देश भी दिए गए।

सीईओ नंदनवार ने जनगणना से संबंधित तैयारियों पर निर्देश देते हुए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक जानकारी अद्यतन रखने और निर्धारित समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने कहा है। साथ ही प्रशिक्षण एवं एंट्री कार्यों को भी तेजी से पूर्ण करने के लिए कहा गया। उन्होंने प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत कृषि विभाग को शत-प्रतिशत पात्र किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में लक्ष्य के अनुरूप कार्य करने के निर्देश दिए। विशेष रूप से पाम ऑयल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए प्रभावी कार्य योजना बनाने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने राजस्व अधिकारियों को निर्देशित किया कि राजस्व पखवाड़ा का आयोजन कर लोगों को उनके राजस्व अधिकारों के प्रति जागरूक, दस्तावेजों का सत्यापन तथा मौके पर ही समस्याओं का समाधान करें। प्राप्त आवेदनों एवं निराकृत प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग एवं समीक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, नक्शा सुधार एवं अन्य लंबित राजस्व प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निराकरण किया जाए। इसके अलावा उन्होंने मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनचौपाल, समय-सीमा पत्रक और राजस्व प्रकरणों, लोक सेवा गारंटी की समीक्षा करते हुए गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही अन्य विभागों से संबंधित पत्रों एवं लंबित प्रकरणों की भी समीक्षा कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।


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