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सरायपाली : राशन कार्ड धारियों को राशन न देकर की धोखाधडी, स्व. सहायता समूह की महिलाओं पर अपराध दर्ज.

सरायपाली के ग्राम कुटेला में शासकीय उचित मूल्य दूकान में राशन कार्ड धारियों को राशन न देकर उसे बहार बेचे जाने के मामले में खाद्य निरीक्षक द्वारा जाँच कार्रवाई कर स्व. सहायता समूह की महिलाओं पर अपराध दर्ज कराया है.

यह कार्रवाई संचालक, संचालनालय खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग नवा रायपुर से प्राप्त पत्र के आधार की गई है, ग्रामीणों की शिकायत थी कि शासकीय उचित मूल्य दूकान कुटेला में हितग्राहियों को समय पर एवं नियमित राशन का वितरण नहीं किया जा रहा है.

शिकायत की जाँच कार्यवाही में पाया कि 31 मार्च 2025  की स्थिति में चांवल 49.82 क्विंटल, नमक 3.51 क्विंटल, शक्कर 3.41 क्विंटल इ पास में प्रदर्शित मात्रा से कम पाया गया एवं जाँच दिनांक तक कुल चांवल 130.52 क्विंटल कीमती 5,43,323 रुपये,  शक्कर 3.51 क्विंटल कीमती 13757, नमक 3.41 क्विंटल कीमती 4137 कुल राशि 5,61,217  रू. पांच लाख इकसठ हज़ार दो सौ सत्रह रूपये की कमी पायी गयी. साथ ही दूकान संचालकों द्वारा हितग्राहियों को समय पर एवं नियमित राशन का वितरण नहीं किया जा रहा था.

बताया गया कि  राशन कार्ड धारियों को राशन न देकर धोखाधडी करते हुए राशन की बिक्री बाहरी व्यक्तियों को बेईमानी पूर्वक अनुचित आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा रहा था. दोषी पाए जाने पर ग्राम इस दूकान का संचालन माह सित. 2023 से माँ संतोषी महिला स्व. सहायता समूह द्वारा किया जा रहा है जिसकी अध्यक्ष सेत कुमारी चौहान एवं सचिव माधुरी चौहन को लागत राशि की भरपाई हेतु नोटिस एवं स्मरण पत्र दिया गया था परन्तु इनके द्वारा राशी का भुगतान विभाग को नहीं किया गया.

ग्रामीणों से प्राप्त शिकायत के आधार पर पुनः दिनांक 23 जनवरी 26 को दूकान का भौतिक सत्यापन किया गया जिसमें पूर्व में पायी गयी राशन की कमी की स्तिथी और बढ़ी हुयी थी.

जिसपर दूकान संचालिका सेत कुमारी चौहान, माधुरी चौहान के विरुद्ध यह सिद्ध हुआ कि उक्त समूह के द्वारा खाद्यान्न वितरण में अनिमितता की गई है एवं उक्त कृत्य के द्वारा शासन को आर्थिक हानि पहुंचाई है तथा सार्वजनिक वितरण प्रणाली में व्यवधान उत्पन्न किया है.

उक्त कृत्य में संतोषी महिला स्व सहायता समूह लुकापारा की अध्यक्ष एवं सचिव दोनो सम्मिलित हैं, जिनपर आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 की धारा 3/7, भारतीय न्याय संहिता (बी एन एस), 2023 3(5) एवं 316(5) दर्ज किया गया है.


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